Uncategorized परेशां आदमी 2 Nov 2021 ये आदमी इतना परेशान क्यों हैतूफानों की ज़द में मेरा ही मकान क्यों हैजिसे देखो जल्दी है जीत जाने कीयहाँ हर शख़्स इन्तेहाँन में क्यों हैकितने मुखोटे देखूँ सिर्फ एक…
Uncategorized कवि 2 Nov 2021 कवि ,न बना जा सकता हैन ही बनाया जा सकता हैये केवल अवतरित हो सकते हैविलसित महलों में नहीवरननिर्वासित मिट्टी के आंगन मेंजहाँवर्षों तक अघोषित -अनवरतकर्म तप किए जा रहे…
Uncategorized अग्निपथ 2 Nov 2021 मुख मलिन , तन तेजहीनवो खून से सना हुआ था लथपथ ,मन्द साज वो दिल का राज़ यूँ कहता चला रे जग में कोई नहीं है शाश्वत ,सुख- दुखको जान…
Uncategorized चाँदनी रात 2 Nov 2021 चाँदनी रात में , हंसी मुलाकात मेंवो यूँ कहती चली बात ही बात मेंतू दूर मुझसे रहे मैं दूर तुझसे रहूंक्या मिले आसमां ज़मी किसी कायनात मेंचाँदनी रात में-चाँदनी रात…
Uncategorized कलाकार 2 Nov 2021 कलाकार को जन्म से मिलता है-हुनर-कला-करतब…….. ईश्वर से मिलती है-शक्ति-अनुकम्पा-आर्शीवाद …….लोगों की मिलती हैं-तालियां-प्रशंसाऐ-संवेदनाये-सहानुभूति…. परन्तु ,,समाज के मिलते हैं-ताने-लतीफ़े-भत्सर्ना…………घर से मिलती है-उलाहना-चिंता-जिम्मेदारी…..संसार में मिलती है-ग़रीबी-फ़कीरी-भुखमरी………….शायदबदहाली वश प्राण त्यागने वालेकविपुंज ,ऋषिश्रेष्ठ,…
Uncategorized माफ करना !तुम्हे प्रिये, मैं वो प्यार नही दे पाऊंगा? 2 Nov 20212 Nov 2021 देखोमेरे जीवन पथ के ये टेढ़े मेढे रास्तेईश्वर चाहकर भी सीधे न बना पाया होगाशायदवो भी विवश होगा निठुर नियति के आगेमेरे हाथों में लकीरें तो ह परन उभरी न…
Uncategorized आदियोगी 2 Nov 2021 जटाजूट अनूप रूप जय त्र्यम्बकं गौरीश्वरम जय शंकरं त्रैलोक्यनाथ विश्वनाथ विशम्भरमओमकार रूप स्वरूप योगेश्वर महा योगीश्वरमजय वैधनाथ जय सोमनाथ जय जयति जय रामेश्वरमनिरंकार स्वरूप कालेश्वर महाभय नाशनमचंद्रचूड़ त्रिपुंड धारी भुजंगराज…
Uncategorized महाशिव 2 Nov 2021 देह के देवत्व का भान हो तुमरूह में प्रेमत्व का दान हो तुमनश्वर जीवन मे अमरत्व का वरदान हो तुमकैसे बताऊँ तुम्हे, - कि कौन हो तुमअम्बर की प्यासी धरा…
Uncategorized लड़के 2 Nov 2021 येअंधेरी काली रातों मेंसिसकते लड़केबताओ - कौन सुनेगा इनकी?पिताअपना सर्वस्व दे चुकेमाँबलाएँ लिए जा रहीमित्रविवश हैंबन्धु-बान्धवमूक दर्शक बने हैंसमाजतमाशे को आतुर हैसमयअभिशापित हैओरप्रकृति कूपितईश्वर से विमुखये अवसादी लड़केभला - कौन…
Uncategorized सावन सोमवार 2 Nov 2021 दहलीज के दायित्यों की पसोपेज़ में,कुल की मर्यादाओं का बोझ धरसारे घर से छुपके- छुपाते,पतझर की बेला में भी,ले आई हो तीन बिलपत्रियाँ कहि से,जिसे शिव ने स्वयं धार रखा…