Uncategorized ठिकाना ना मिला 7 Nov 2021 कुबूल कर लो इकबाल मेरा मेरी जरुरतों को ठिकाना ना मिला रहने के लिए
Uncategorized ऊंचे ऊंचे पहाड़ 7 Nov 2021 यह ऊंचे ऊंचे पहाड़ जलते हैं सूरज की गर्मी सेबादलों का घेर लेना पसंद है उन्हें
Uncategorized बाजार लूट जाएगा 7 Nov 2021 रेतिली दिल की ज़मीं है गिला करदो उसे हाथ से छूट गई तो बाजार लूट जाएगा
Uncategorized तनहाई मेरा हाथ न छोड़ 7 Nov 2021 तनहाई मेरा हाथ न छोड़ हथकड़ीयां लगा रखी है मैंने वफ़ा-ए-खिदमद जुर्म है मेरा इश्क-ए-इबादत रुसवाई मेरा साथ न छोड़ कायम है अंधेरा वहां जहां जलन से लोग जल रहेपग-पग…
Uncategorized नज़रअंदाज 7 Nov 2021 नज़रअंदाज करता है मुझे वो देख देखकर बता दो उन्हें भंवरे मंडराने लगे हैं फूलों पर माली ने रखवाली करना छोड़ दिया है
Uncategorized गर्मी सही ना गई 7 Nov 2021 खंजर का मिठापन रास आता है मुझेचिंगारीयां बहुत थी तिल्लियों मेंदिया जल ना पाया बाती से गर्मी सही ना गई
Uncategorized मन में है उथल पुथल 7 Nov 2021 मन में है उथल पुथल शांत किसे कराएंभिड़ में अकेला रहता है मनपहचान किसकी कराएंबारिश में भी सूखा रहता है मन बूंदें किस पर बरसाएंसड़कें जिंदगी की सिधी हैअसमंजस में…
Uncategorized मरहम 7 Nov 2021 थम जाता है हर तूफान तबाही मचाकर हवाएं अब बेवफा हो गई है अंदरुनी चोटें हैंमरहम मासुमियत का लगा दो
Uncategorized टूटी पायजेब 7 Nov 2021 सुख कर वह पत्ता मेरे आंगन में आ गिरा जब उसकी टूटी पायजेब ने खनखनाहट दी
Uncategorized यही लोग हैं 7 Nov 2021 निंद ज़हर है प्यासे सब है यहां अमृत के ये चंद लोग जो खुद को भगवान समझते हैं ना मेरे दैत्य स्वभाव के कारण