मन में है उथल पुथल
शांत किसे कराएं
भिड़ में अकेला रहता है मन
पहचान किसकी कराएं
बारिश में भी सूखा रहता है मन
बूंदें किस पर बरसाएं
सड़कें जिंदगी की सिधी है
असमंजस में मन है
फुल ही फुल बिछे गलियारे में
मन में कांटे हैं
हैं मन में उथल पुथल
मन में है उथल पुथल