और क्या होना था
फिर वही सैलाब एक आया और सब छीन ले गया
आंसुओ कि बारिश हुई
मेरे चार दीवारी में यादें दफन हो गई
क्या होना था
और क्या होना था
फिर वही सैलाब एक आया और सब छीन ले गया
आंसुओ कि बारिश हुई
मेरे चार दीवारी में यादें दफन हो गई
और क्या होना था
फिर वही सैलाब एक आया और सब छीन ले गया
आंसुओ कि बारिश हुई
मेरे चार दीवारी में यादें दफन हो गई