तन – बदन से नहीं
सच्चे मन से है
हँसी – मज़ाक में नहीं
पूरे जतन से है
जैसा तुमसे
वैसा वतन से है
इश्क़ है
और पूरे मन से है…
-VijayKumar
तन – बदन से नहीं
सच्चे मन से है
हँसी – मज़ाक में नहीं
पूरे जतन से है
जैसा तुमसे
वैसा वतन से है
इश्क़ है
और पूरे मन से है…
-VijayKumar