कलाकार को जन्म से मिलता है-
हुनर-कला-करतब……..
ईश्वर से मिलती है-
शक्ति-अनुकम्पा-आर्शीवाद …….
लोगों की मिलती हैं-
तालियां-प्रशंसाऐ-संवेदनाये-सहानुभूति….
परन्तु ,,
समाज के मिलते हैं-
ताने-लतीफ़े-भत्सर्ना…………
घर से मिलती है-
उलाहना-चिंता-जिम्मेदारी…..
संसार में मिलती है-
ग़रीबी-फ़कीरी-भुखमरी………….
शायद
बदहाली वश प्राण त्यागने वाले
कविपुंज ,ऋषिश्रेष्ठ, आर्यव्रती, कालिदास ,ग़ालिब,रैदास आदि
तो इसके बस उदाहरण मात्र है……….😢😢