आदियोगी

जटाजूट अनूप रूप जय त्र्यम्बकं गौरीश्वरम
जय शंकरं त्रैलोक्यनाथ विश्वनाथ विशम्भरम
ओमकार रूप स्वरूप योगेश्वर महा योगीश्वरम
जय वैधनाथ जय सोमनाथ जय जयति जय रामेश्वरम

निरंकार स्वरूप कालेश्वर महाभय नाशनम
चंद्रचूड़ त्रिपुंड धारी भुजंगराज विभूषितम
भस्माङ्ग धारी त्रिशूल पाणी जयति जय नन्दीश्वरम
जय शम्भू भोलेनाथ गौरीनाथ जय मल्लिकार्जुनम

हर सगुण निर्गुण निरंकार साकार भीमशंकरं
हवि सर्वज्ञ नमः यज्ञमय केदार जय नागेश्वरम
निर्विकार त्रिकाल जय महाकाल रूप घुश्मेश्वरम
साकाम जय निष्काम पूरनकाम जय म्मलेश्वरम

आस तुम विश्वास तुम कैलाशी काशीनाथ तुम
मन वचन कर्म निवास तुम जय जयति गौरीनाथ तुम
अर्ज यही जेहि जोनि जनमु स्वामी हो पशुपतिनाथ तुम
चरण सेवा देउ मोहि जय नीलकंठ विश्वनाथ तुम

©सचिन शर्मा

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