किससे दिल की बात कहूँ,

किससे दिल की बात कहूँ,कि अंतर्मन में क्या चलता है।
जो सुनता है,वो छलता है,जब छलता है दिल जलता है।
किससे दिल की बात कहूँ…
कभी स्वप्न लुटेरे बन जाते है,सारी पीड़ा ले जाते है।
कही नींद ना उड़ जाए,भीतर ऐसा भय पलता है।
किससे दिल की बात कहूँ…
चलो एक छोटी शुरुआत करें, प्रेम भरी कुछ बात करें
अपने दिल को साफ करें, उन भूलों को माफ़ करें
जिन भूलो के हो जाने से रिश्ता डगमग रहता है।।
किससे दिल की बात कहूँ कि….


निधि मिश्रा

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